तेरी बाहों के घेरे में नहीं पिघलते फ़क़त मेरे जिस्म-ओ -जान जानाँ....
तेरी आगोश में होती है हर खलिश भी धुआँ धुआँ जानाँ ....!!
-A
रात भर जागते रहने का अमल ठीक नहीं ...
चाँद के इश्क़ में आंखों की रौशनी चली जाती है ,
-MA